उत्तर प्रदेश में चीनी के दामों ने तोड़ा रिकॉर्ड, "चीनी के कटोरे" में ही लगी महंगाई की आग
जनपद में प्रदेश में मिलें होने के बावजूद 62 रु किलो बिकी चीनी, सरकार और प्रशासन मौन_
गोरखपुर में त्योहारों से पहले आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है। जिले में पिछले 1 महीने में चीनी के दाम 45 रुपये से बढ़कर 62 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। हैरानी की बात ये है कि चीनी उत्पादन में अग्रणी कहे जाने वाले लखीमपुर खीरी जिले में ही 9 बड़ी चीनी मिलें होने के बाद भी आम उपभोक्ता को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है।
गृहणियों से लेकर होटल कारोबारियों तक बेहाल*
बाजार में चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। गृहणियां अब चाय में आधी चम्मच चीनी डालने को मजबूर हैं। वहीं मिठाई और होटल कारोबारियों का कहना है कि लागत बढ़ने से उन्हें भी दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
पहले 50 किलो का कट्टा 2500 में आ जाता था अब 3100 का मिल रहा है। ग्राहक 1 किलो मांगने की जगह 250 ग्राम मांग रहा है।"_
स्टॉकिस्टों की चांदी, अफसरों की चुप्पी*
व्यापारियों का आरोप है कि कुछ बड़े स्टॉकिस्टों ने पहले से ही चीनी का भंडारण कर रखा था और अब कृत्रिम संकट पैदा कर दाम बढ़ाए जा रहे हैं। जिला खाद्य विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या रेट नियंत्रण के आदेश नहीं आए हैं।

Post a Comment