थीमैटिक से हाइब्रिड तक: बेहतर रिस्क-रिटर्न बैलेंस के लिए यह फंड अब नए अवतार में


बाजार की अनिश्चितता में निवेशक सुरक्षित डेट विकल्पों की तलाश करते हैं, लेकिन लंबी अवधि में स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स अधिक मुनाफा देते हैं। SEBI के नए फ्रेमवर्क के तहत, ICICI प्रूडेंशियल का थीमैटिक एडवांटेज FoF अब एग्रेसिव हाइब्रिड एक्टिव FoF में बदल गया है, जो इक्विटी और डेट के बीच बेहतर संतुलन बनाता है।








जब अनिश्चितता (Uncertainty) बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश करने लगते हैं। ऐतिहासिक रूप से, जब भी बाजार में उथल-पुथल होती है, निवेश में डेट सिक्योरिटीज यानी फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज पर फोकस बढ़ जाता है। वहीं जब बाजार बहुत अच्छा चल रहा होता है, तो अक्सर लोग फिक्स्ड इनकम को कम मुनाफे वाला मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन गिरावट के समय में यही एक मजबूत सहारे की तरह काम करता है, नियमित आय देता है और वोलैटिलिटी को संभालता है। लोगों के नजरिए में यह बदलाव बहुत जल्दी आता है और हमें एक बड़ी सीख देता है।

इक्विटी में भी ऐसा ही व्यवहार देखने को मिलता है। अनिश्चित समय में, निवेशक अक्सर बड़ी कंपनियों यानी लार्ज-कैप स्टॉक्स को ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि वे सुरक्षित और वित्तीय रूप से मजबूत मानी जाती हैं। लेकिन, इस सुरक्षा के चक्कर में एक बड़ी सच्चाई को नहीं भूलना चाहिए, वो यह है कि लंबे समय में, स्मॉल एंड मिड-कैप स्टॉक्स ही सबसे ज्यादा मुनाफा देते हैं। इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज करने का मतलब है भविष्य में होने वाले बड़े फायदे को खो देना।

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